नींद

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नींद पास ही कहीं दौड़ी चली गयी एक रेल धडधडाती हुई सी बदहवास सी चिल्लाती हुई, सन्नाटे को भेदती हुई सी फिर भी कमरे में सोये हैं प्राणी बेखबर से दिन भर की थकान ही होगी या होगी कुछ ख़ुशी … Continued